जिले में 1300 मेधावी छात्रों को लैपटॉप इंतजार; दाे साल से स्टूडेंट्स काे नहीं दे रहा लैपटाॅप: शिक्षा विभाग ने बजट की कमी, को बताया कारण।

जिले में 1300 मेधावी छात्रों को लैपटॉप इंतजार; दाे साल से स्टूडेंट्स काे नहीं दे रहा लैपटाॅप: शिक्षा विभाग ने  बजट की कमी, को बताया कारण।


काेराेना के चलते स्टूडेंट्स काे इस साल भी लैपटाॅप वितरण नहीं किया है।अभी तक भी सत्र 2019-20 के 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा के प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स काे लेपटाॅप वितरित नहीं किए हैं। साइकिल और लेपटाॅप वितरण के लिए एक साथ आदेश जारी किए थे, लेकिन लैपटाॅप वितरण के लिए बजट पास नहीं हाेने से दाे सत्र से स्टूडेंट्स काे लैपटाॅप नहीं दिए गए हैं।प्रत्येक जिले से दाेनाें सत्राें के 1300 से भी अधिक प्रतिभाशाली विद्यार्थियों काे लैपटाॅप नहीं दिए गए हैं। बजट के अभाव में इस बार 8वीं सहित 10वीं व 12वीं के 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को लैपटॉप से वंचित रहना पड़ रहा है। पैरेंट्स गत सवा साल से शिक्षा विभाग के अधिकारियों से लैपटॉप के लिए पूछताछ कर रहे हैं, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय बीकानेर के निदेशक कानाराम का कहना है काेविड काल में बजट नहीं मिलने से लैपटाॅप नहीं खरीदे थे। विभाग स्तर पर लैपटाॅप याेजना के लिए सरकार काे पत्र लिखकर वित्तीय स्वीकृति में और देर न करने की रिक्वेस्ट की है। स्वीकृति मिलते ही लैपटाॅप खरीद प्रक्रिया शुरू कर स्टूडेंट्स काे वितरित करेंगे। दरअसल 2018 में शिक्षा विभाग को 48 करोड़ का बजट मिला था : बोर्ड परीक्षाओं में प्रतिभाशाली स्टूडेंट्स को लैपटॉप वितरण के लिए राज्य सरकार ने 2018 में 48 करोड़ का बजट जारी किया था। एक लैपटॉप पर लगभग 17 हजार का खर्च आया। 2018 में 27,900 योग्य विद्यार्थियों को लैपटॉप दिए गए थे।
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