27 की उम्र में उत्तर कोरिया की कमान किम जोंग-उन को कैसे दी गई थी ? जाने पुरी जानकारी -

27 की उम्र में उत्तर कोरिया की कमान किम जोंग-उन को कैसे दी गई थी ? 

उत्तर कोरिया में एक 27 वर्षीय अनाड़ी शख्स को सत्ता संभाले 10 साल हो गए हैं और इस दौरान दुनिया के चुनिंदा नेताओं ने ही उनके जितना सुर्ख़ियां बटोरी हैं. लेकिन किम जोंग उन के शासन में रहना कैसा रहा?

प्योंगयांग की सड़कें रोते हुए लोगों से भर गई थीं.

स्कूल यूनिफ़ॉर्म पहने छात्र घुटनों के बल झुके हुए थे और ग़म में डूबे हुए थे. दुख में सीने पर हाथ रखे औरतों दिख रही थीं.

उत्तर कोरिया के सख़्त नियंत्रण वाले सरकारी मीडिया ने ऐलान किया था कि उनके "प्रिय नेता" किम जोंग इल का 69 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. तारीख़ थी 19 दिसंबर 2011.

दुनिया भर में कोरियाई मामलों के विशेषज्ञ एक शख़्स के बारे में जानने को अपनी फाइलें खंगालने में जुट गए.

सिर्फ़ 27 वर्ष की उम्र में वह तथाकथित महान उत्तराधिकारी थे. लेकिन कम ही लोगों ने सोचा था कि वह किसी भी चीज़ में कामयाब होंगे. उम्र और तजुर्बे को तरजीह देने वाले समाज पर किसी ऐसे शख्स का शासन कैसे चल सकता था जिसके पास दोनों में से एक भी नहीं था?

कई लोगों ने सैन्य तख़्तापलट, या उत्तर कोरियाई अभिजात वर्ग द्वारा सत्ता हथियाने की भविष्यवाणी की. लेकिन दुनिया ने नौजवान तानाशाह को कमतर आंका था. किम जोंग उन ने न केवल अपनी पकड़ मज़बूत की, बल्कि उन्होंने "किम जोंग उन वाद" नाम के एक नए युग की शुरुआत की है.

अपने प्रतिद्वंद्वियों के सफ़ाए और सैकड़ों लोगों को मौत के घाट उतारने के साथ शुरुआत करने के बाद उन्होंने अपना ध्यान विदेशी मामलों पर लगाया. चार परमाणु परीक्षण, 100 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं और अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ बातचीत में अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरीं.

लेकिन परमाणु हथियारों की उनकी अथक चाह की क़ीमत चुकानी पड़ी है. उत्तर कोरिया अब मुश्किल में है, सत्ता संभालने के समय के मुकाबले ज़्यादा ग़रीब और अकेला.

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