कश्मीर में 3 और आतंकियों का सफाया: 48 घंटे में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के 9 आतंकी, पुलिस ने कहा- 2021 में 171 आतंकी ढेर किए गए

कश्मीर में 3 और आतंकियों का सफाया: 48 घंटे में मारे गए जैश-ए-मोहम्मद के 9 आतंकी, पुलिस ने कहा- 2021 में 171 आतंकी ढेर किए गए

श्रीनगर के पंथा चौक पर गुरुवार आधी रात को सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर हो गए हैं. ये सभी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। मुठभेड़ में सुरक्षा बल के चार जवान घायल हो गए। इनमें 3 पुलिसकर्मी और सीआरपीएफ का एक जवान शामिल है। सुरक्षा बलों ने पिछले 48 घंटों में कश्मीर घाटी में जैश के 9 आतंकियों को ढेर किया है।

  आईजीपी कश्मीर विजय कुमार के मुताबिक पंथा चौक इलाके में मारे गए एक आतंकी की पहचान जैश-ए-मोहम्मद के सुहैल अहमद के रूप में हुई है. 13 दिसंबर को जेवान इलाके में पुलिस की एक बस पर हमला किया गया था. उस हमले में यह आतंकी भी शामिल था। बस हमले में शामिल सभी आतंकवादी मारे गए हैं।

  साल 2021 में 19 पाकिस्तानी आतंकी ढेर किए गए
  आईजीपी कुमार ने बताया कि साल 2021 में 171 आतंकवादी मारे गए हैं। इनमें 19 पाकिस्तानी आतंकवादी और 152 स्थानीय आतंकवादी शामिल हैं। पिछले साल 37 स्थानीय लोगों की जान गई थी, जबकि इस साल 34 स्थानीय लोगों की जान गई है.

  अनंतनाग और कुलगाम में जैश के 6 आतंकी ढेर
  बुधवार को कुलगाम और अनंतनाग जिलों में अलग-अलग मुठभेड़ों में 6 आतंकवादी मारे गए। ये सभी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े थे। अब तक 4 आतंकियों की पहचान हो चुकी है, जिनमें 2 पाकिस्तानी और 2 स्थानीय हैं.

  दिसंबर में मारे गए 5 पाकिस्तानियों समेत 24 आतंकी
  आईजीपी कुमार ने गुरुवार को बताया कि दिसंबर में 24 आतंकी मारे गए हैं. इनमें से 5 पाकिस्तानी हैं। आतंकियों के पास से अमेरिका में बनी दो एम4 कार्बाइन राइफल, 15 एके47, 24 से ज्यादा पिस्टल, ग्रेनेड और आईईडी बरामद हुई है। यह बरामदगी पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद की आतंकवादी संलिप्तता को साबित करती है।

  सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां ​​अलर्ट पर हैं। यह पहला मौका है जब पूरे कश्मीर में आतंकियों की संख्या 200 से कम हुई है।

  बच्चों की भर्ती कर रहे आतंकी संगठन
  सेना की 15वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल डीपी पांडे ने शुक्रवार को कहा कि इस साल सीमा के दूसरी ओर से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की कोशिशों में कमी आई है। हालांकि आतंकी संगठन 15 से 16 साल की उम्र के बच्चों को भर्ती करने की कोशिश कर रहे हैं।
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