अब राजस्थान में बच्चों के लिए जल्द ही आने वाली है वैक्सीन: हॉस्पिटल के अलावा स्कूलो में भी बनेगें टीकाकरण सैंटर।

3 जनवरी से राजस्थान में 51 लाख से अधिक बच्चों को लगने वाली है वैक्सीन: दो से तीन डोज दिए जाएंगे बच्चों को, हॉस्पिटल के अलावा स्कूल में बनेंगे सेंटर।


कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं और ओमिक्रॉन के खतरे के बीच राहत की खबर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 15 से 18 साल तक  बच्चों के लिए 3 जनवरी से वैक्सीनेशन शुरू करने का ऐलान कर दिया है।इसमें राजस्थान के करीब 51 लाख से ज्यादा बच्चों को वैक्सीन लगाई जाएगी। इसको लेकर राजस्थान सरकार ने तैयारियां पूरी कर दी गई है। हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से ये भी तैयारी की जा रही  है कि बच्चों को हॉस्पिटल के अलावा स्कूल में भी वैक्सीनेशन की सुविधा मिले। वहीं बच्चों को वैक्सीन के दो से तीन डोज लग सकते हैं।

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीए) ने बच्चों के लिए जायडस कैडिला कंपनी की बनाई जायकोव-डी और भारत बायोटेक की कोवैक्सिन को इमरजेंसी मंजूरी दे दी है। ऐसे में जायकोव-डी वैक्सीन लगाई जाती है तो बच्चों को इस वैक्सीन के तीन डोज दिए जाएंगे। हर शॉट में 0.1ML की खुराक होगी। ये वैक्सीन फार्मा जेट मशीन (नीडल-फ्री इंजेक्टर ) से लगेगी, जिसमें सिरिंज नहीं होती। वहीं अगर भारत बायोटेक की वैक्सीन लगाई जाती है तो उसकी डोज 0.5ML की होगी और उसके दो शॉट दिए जाएंगे। ये वैक्सीन सामान्य सिरिंज से लगाई जाएगी, जैसी वर्तमान में चल रहे वैक्सीनेशन में उपयोग की जाती है।
मेडिकल टीम को दी गई है ट्रेनिंग
राजस्थान स्वास्थ्य निदेशालय में टीकाकरण परियोजना के निदेशक डॉ. रघुराज सिंह ने बताया कि राजस्थान में 12 से 18 साल की एज ग्रुप के वैक्सीनेशन की विभाग सभी तैयारियां पूरी कर चुका है। इस एज ग्रुप के 1.10 करोड़ बच्चे होने का आकलन किया है। हालांकि केन्द्र सरकार ने 15 से 18 साल तक के बच्चों को ही पहले फेज में शामिल किया है। ऐसे में इस एज ग्रुप के बच्चों की संख्या करीब 51 लाख 11,209 के मानी जा रही है। राज्य में बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए नर्सिंग स्टाफ, एएनएम सहित वैक्सीनेशन करने वाले स्टाफ की ट्रेनिंग भी दे दी गई।
जैसा कि सरकार अभी 18 साल या उससे ज्यादा एज ग्रुप का वैक्सीनेशन कर रही है। राजस्थान में वैक्सीनेशन सेंटर्स के अलावा 181 पर कॉल करने वाले लोगों को घर जाकर वैक्सीन लगा रही है। हालांकि इस सर्विस में एक साथ 10 लोगों को वैक्सीनेट करने की शर्त है।

परियोजना निदेशक ने बताया कि केन्द्र सरकार की ओर से गाइडलाइन आना अभी बाकी है, लेकिन हम पीएचसी, सीएचसी, जिला हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज के अलावा स्कूलों में भी वैक्सीनेशन साइट बनाने पर विचार कर रहे हैं क्योंकि सबसे ज्यादा बच्चे स्कूलों में ही मिलेंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हेल्थ डिपार्टमेंट ने हर घर दस्तक अभियान के तहत वैक्सीनेशन प्रोग्राम चला रखा है।

11.78 लाख से ज्यादा है फ्रंट लाइन और हेल्थ केयर वर्कर्स
राजस्थान में हेल्थ केयर वर्कर्स के लिए बूस्टर डोज की मांग लम्बे समय से उठ रही है। प्रदेश में अब 10 जनवरी से इन ग्रुप के साथ-साथ फ्रंट लाइन वर्कर्स के वे लोग जिनके संक्रमित हाेने की ज्यादा संभावना है उनको वैक्सीन की बूस्टर डोज दी जाएगी। राजस्थान में 5,88,779 से ज्यादा हेल्थ केयर वर्कर है, जबकि 5,89,908 से ज्यादा फ्रंट लाइन वर्कर्स। इसके अलावा 60 प्लस एज ग्रुप के 68 लाख 33 हजार लोग चिह्नित है।


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