ओमिक्रॉन वेरिएंट ने बढ़ाई दुनिया की चिंता, WHO ने बताया- कितने दिनों में दोगुने हो रहे केस

ओमिक्रॉन वेरिएंट ने बढ़ाई दुनिया की चिंता, WHO ने बताया। नए वेरिएंट को चिंताजनक स्वरूप बताते हुए ओमिक्रोन नाम दिया है।

पूरी दुनिया में ओमिक्रॉन वेरिएंट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. 
Omicron Variant News: WHO के वायरस वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरॉना का 'ओमिक्रॉन' वेरिएंट कई बार उत्परिवर्तन का नतीजा है। कोविड के अधिक संक्रामक स्वरूप बी.1.1.1.529 के बारे में पहली बार 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका की ओर से विश्व स्वास्थ्य संगठन को सूचित किया गया था इसके बाद बोत्सवाना, बेल्जियम, हांगकांग, ब्रिटेन, नीदरलैंड,ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, जापान,इजरायल, जर्मनी और फ्रांस सहित कई देशों में भी इसकी पहचान की गई है। डब्ल्यूएचओ ने 26 नवंबर को इसे 'चिंताजनक' स्वरूप बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया गया है।

जेनेवा. कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) ने पूरी दुनिया में चिंता पैदा कर दी है. कई देशों में नए वेरिएंट की वजह से संक्रमण की लहर दस्तक दे चुकी है या फिर उसके मुहाने पर खड़ी है. इस बीच, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने शनिवार को कहा कि ओमिक्रॉन के मामले डेढ़ से तीन दिन में दोगुने हो रहे हैं, खासतौर पर स्थानीय प्रसार वाले क्षेत्रों में.

इसके साथ ही दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र के सात देशों में कोविड-19 के नए ओमिक्रॉन स्वरूप की पुष्टि होने पर डब्ल्यूएचओ ने इसे फैलने से रोकने के लिए जन स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सामाजिक उपाय तत्काल बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया.

डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि देश ठोस स्वास्थ्य एवं सामाजिक उपायों से ओमिक्रॉन को फैलने से रोक सकते हैं. उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘हमारा ध्यान सबसे अधिक जोखिम वाले लोगों की सुरक्षा पर केंद्रित रहना चाहिए.’’

तीन अहम सवालों पर आधारित है ओमिक्रॉन से पैदा होने वाला खतरा
ओमिक्रॉन से पैदा होने वाला खतरा तीन अहम सवालों पर आधारित है – उसका प्रसार, टीके इसके खिलाफ कितनी अच्छी सुरक्षा प्रदान करते हैं और अन्य स्वरूपों की तुलना में ओमीक्रोन स्वरूप कितना संक्रामक है. सिंह ने कहा, “अभी तक हम यह जानते हैं कि डेल्टा स्वरूप के मुकाबले ओमिक्रॉन अधिक तेजी से फैलता दिखाई देता है. डेल्टा स्वरूप के कारण पिछले कई महीनों में दुनियाभर में संक्रमण के मामले बढ़े हैं.”

ओमिक्रॉन को हल्का मानकर नजरअंदाज दुनिया पर पड़ सकता है भारी
उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका से आ रहे आंकड़ों से ओमिक्रॉन स्वरूप से फिर से संक्रमित होने का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। हालांकि, ओमिक्रॉन से गंभीर रूप से बीमार पड़ने को लेकर उपलब्ध आंकड़े सीमित हैं,लेकिन इसी बीच WHO अधिकारी ने कहा कि, “हमें आगामी हफ्तों में और आकड़े मिलने की संभावना है पर ओमिक्रॉन को हल्का मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.” उन्होंने कहा कि अगर इससे ज्यादा गंभीर रूप से बीमार नहीं पड़ते, तब भी बड़ी संख्या में मामले एक बार फिर स्वास्थ्य प्रणाली पर बोझ डाल सकते हैं । उन्होंने कहा कि अत: आईसीयू बिस्तर, ऑक्सीजन की उपलब्धता, पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल कर्मी समेत स्वास्थ्य देखभाल क्षमता की समीक्षा करने तथा इसे सभी स्तरों पर मजबूत करने की आवश्यकता है।
WHO ने ‘ओमिक्रॉन’ को बताया ‘चिंताजनक स्वरूप’
ओमिक्रॉन को कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों में सबसे खतरनाक माना जा रहा है। WHO ने 26 नवंबर को इसे कोरोना का ‘चिंताजनक’ स्वरूप (Variant of Concern) बताते हुए ओमिक्रॉन नाम दिया है।‘चिंताजनक स्वरूप’ WHO की कोरोना वायरस के ज्यादा खतरनाक स्वरूपों की शीर्ष श्रेणी है. कोरोना वायरस के डेल्टा वेरिएंट को भी इसी श्रेणी में रखा गया था।
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