जन्मदिन मुबारक हो, राहुल द्रविड़:जानिए 'द-वॉल' यानी भारतीय क्रिकेट की दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ की प्रमुख उपलब्धियां ।

जन्मदिन मुबारक हो, राहुल द्रविड़:जानिए 'द-वॉल' यानी भारतीय क्रिकेट की दीवार कहे जाने वाले द्रविड़ की प्रमुख उपलब्धियां ।
भारत के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ आज 49 साल के हो गए हैं। उन्होंने भारत के लिए 164 टेस्ट, 344 वनडे और एक टी20 मैच खेला। उन्होंने 13,288 टेस्ट रन और 10,889 वनडे रन बनाए हैं। उन्होंने टेस्ट में 36 और वनडे में 12 शतक बनाए।

मध्य प्रदेश में जन्में और कर्नाटक में क्रिकेट खेलकर बड़े हुए द्रविड़ के बनाए 5 रिकॉर्ड ऐसे हैं, जो उन्हें सही मायनों में दुनिया के सामने भारतीय क्रिकेट की दीवार के तौर पर स्थापित करते हैं। 

1.टेस्ट क्रिकेट की क्रीज पर बिताया समय:
  राहुल द्रविड़ ने अपने पूरे टेस्ट करियर में 44152 मिनट यानी 735 घंटे और 52 मिनट क्रीज पर बिताए हैं, जो कि एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है. इस दौरान उन्होंने 164 मैच में 36 शतक के साथ 13288 रन 52.3 की औसत से बनाए हैं.

2.वनडे में दो बार 300 + रनो की साझेदारी का हिस्सा रहे
वनडे क्रिकेट के इतिहास में राहुल द्रविड़ पहले ऐसे प्लेयर हैं, जो दो बार 300 प्लस साझेदारियों का हिस्सा रहे हैं.
3.लगातार 286 शुरुआती टेस्ट पारियों में 0 पर आउट नही होने का रिकॉर्ड :
राहुल द्रविड़ के नाम टेस्ट क्रिकेट की शुरुआती 286 पारियों में एक बार भी गोल्डन डक नहीं होने का रिकॉर्ड दर्ज है.

4.दमदार फिल्डर
द्रविड़  सिर्फ क्रीज पर ही दीवार नहीं थे, बल्कि फिल्डिंग में भी थे. गेंद शायद ही कभी इस दीवार से पार जा पाती थी। तभी तो उनके नाम टेस्ट में सबसे ज्यादा 210 कैच पकड़ने वाले गैर-विकेटकीपर खिलाड़ी होने का रिकॉर्ड दर्ज है।
5.टेस्ट क्रिकेट में 30000 प्लस गेंद खेलने का रिकॉर्ड:
 टेस्ट क्रिकेट में 30000 प्लस गेंद खेलने का रिकॉर्ड वाले राहुल द्रविड़ दुनिया के इकलौते ऐसे बल्लेबाज हैं। उन्होंने अपने टेस्ट करियर में कुल 31258 गेंदों का सामना किया, जो कि एक वर्ल्ड  रिकॉर्ड है।


आज उनके जन्मदिन पर, देखिए टेस्ट क्रिकेट में उनकी सबसे शीर्ष पारियां। जो उन्हें भारतीय क्रिकेट के शीर्ष बल्लेबाज़ों में शामिल करती है। 

1.सन् 2004;  270 VS पाक, : रावलपिंडी में  भारत और पाकिस्तान के बीच कड़ी टक्कर होनी  थी। श्रृंखला 1-1 से बराबरी पर थी। भारत के करारा जवाब देने से पहले पाकिस्तान 224 रन पर आउट हो गया। दूसरे नंबर पर आकर द्रविड़ ने शानदार दोहरा शतक जड़ा। उन्होंने 70 के दशक में सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण के साथ 495 गेंदों में 270 रन बनाए। द्रविड़ का 593 रन पर भारत का स्कोर गिरने वाला नौवां विकेट था।

2. 2001; 180 VS ऑस्ट्रेलिया, : इस ऐतिहासिक टेस्ट मैच में द्रविड़ का सबसे महत्वपूर्ण योगदान था। ऑस्ट्रेलिया के 445 रन के जवाब में भारत को 171 रन पर आउट कर दिया गया था। इसके बाद, द्रविड़ और लक्ष्मण ने 376 का रिकॉर्ड जोड़ा, जिसमें पूर्व में 180 रन थे। जब वह रन आउट हुए तो उनकी पारी करीब आ गई।

233 बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2003: भारत की बारी से पहले ऑस्ट्रेलिया ने उचित दर से 556 रन बनाए। आकाश चोपड़ा और वीरेंद्र सहवाग की बदौलत द्रविड़ अच्छी शुरुआत के बाद बीच में चले गए। लेकिन जल्द ही, भारत ने द्रविड़ और लक्ष्मण के शामिल होने से पहले खुद को 85 रन देकर चार विकेट पर पाया। इस जोड़ी ने एक साथ 300 से अधिक जोड़े, द्रविड़ ने एक और दोहरा शतक बनाया। दूसरी पारी में, उन्होंने नाबाद 72 रन बनाकर भारत को 230 रनों के लक्ष्य का पीछा करने में मदद की।

2011;नाबाद 146* VS इंग्लैंड, : इंग्लैंड में उनकी आखिरी श्रृंखला के रूप में, द्रविड़ ने एक बार फिर अपना कौशल दिखाया। पहली पारी में, इंग्लैंड के 591 के जवाब में, भारत के पूर्व कप्तान के बल्ले से 146 रन बनाकर भारत केवल 300 रन बना सका। इसके अलावा, भारत को फॉलो ऑन करने के लिए कहा गया और द्रविड़ वीरेंद्र सहवाग के साथ फिर से पारी की शुरुआत करने के लिए चले गए।

2006, 146 VS वेस्टइंडीज, : पहले बल्लेबाजी  चुनकर, द्रविड़ ने सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर और वीरेंद्र सहवाग की शुरू की गई मजबूत शुरुआत को आगे बढ़ाया। उन्होंने सहवाग के साथ दूसरे विकेट के लिए 139 और मोहम्मद कैफ के साथ 179 रन जोड़े। द्रविड़ ने रामनरेश सरवन से बैकवर्ड पॉइंट तक लंबी छलांग लगाने से पहले 146 रन बनाए और 150 से चूक गए। टेस्ट कप्तान के रूप में यह उनका सर्वोच्च स्कोर था।

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